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शिशà¥à¤“ं में खांसी
शिशॠको खांसते हà¥à¤ देखना आपको काफी परेशान व चिंतित कर सकता है। मगर यदि शिशॠअचà¥à¤›à¥‡ से खा-पी रहा है और सामानà¥à¤¯ तरीके से सांस ले रहा है तो आमतौर पर चिंता की कोई बात नहीं होती। हालांकि, कà¥à¤› तरह की खांसी नà¥à¤•सानदेह हो सकती हैं, इसलिठयह जानना जरà¥à¤°à¥€ है कि खांसी होने पर शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब दिखाà¤à¤‚।
शिशà¥à¤“ं में खांसी किस कारण से होती है?
खांसना à¤à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जो कि बचà¥à¤šà¥‡ के वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— को अवरà¥à¤¦à¥à¤§ होने से बचाती है। खांसी इसलिठहोती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि:
गले और छाती में से शà¥à¤²à¥‡à¤® (मà¥à¤¯à¥‚कस), धूल या धà¥à¤†à¤‚ जैसे तकलीफ पैदा करने वाले ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को बाहर निकाल सके
वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— या फेफड़ों किसी इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से असहजता होने पर।
खांसी के अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार कौन से हैं?
खांसी सूखी (जिसमें बलगम न आà¤) या गीली (जिसमें बलगम आà¤) हो सकती है। ये आमतौर पर किसी इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से होती है, मगर कई बार इसके गैर-संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• कारण à¤à¥€ हो सकते हैं जैसे कि असà¥à¤¥à¤®à¤¾ (दमा) आदि। यदि खांसी किसी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की वजह से है, तो शिशॠको बà¥à¤–ार नहीं होगा।
शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से होने वाली कà¥à¤› आम तरह की खांसियों के बारे में नीचे बताया गया है: सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या फà¥à¤²à¥‚ का वायरस
अधिकांश खांसी किसी विषाणॠ(वायरस) की वजह से होती है, जैसे कि सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या फà¥à¤²à¥‚ पैदा करने वाले बहà¥à¤¤ से विषाणà¥à¤“ं में से à¤à¤• की वजह से खांसी à¤à¥€ होती है। आपके ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠको जनà¥à¤® के पहले साल में सात से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हो सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ (इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€) अà¤à¥€ आम विषाणà¥à¤“ं का सामना करना सीख रही है।
यदि सरà¥à¤¦à¥€ या फà¥à¤²à¥‚ के वायरस की वजह से आपके शिशॠको खांसी है, तो शायद उसकी नाक à¤à¥€ बंद होगी या बह रही होगी। उसे गले में दरà¥à¤¦, आंखों में पानी और बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है।
फà¥à¤²à¥‚ की वजह से कई बार दसà¥à¤¤ (डायरिया) या उलà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ हो सकती है।
रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ सिंसीशियल वायरस (आरà¤à¤¸à¤µà¥€) à¤à¤• आम वायरस है जिसकी वजह से शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में छाती के संकà¥à¤°à¤®à¤£ होते हैं। अधिकांश मामलों में यह सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के वायरस की तरह ही होता है, मगर यह बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस या निमोनिया जैसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जटिलताओं का कारण बन सकता है।
यदि कोविड महामारी के दौरान आपके शिशॠको फà¥à¤²à¥‚ जैसे लकà¥à¤·à¤£ हों और खांसी हो तो आपका चिंतित होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है कि कहीं शिशॠको कोविड-19 इनफेकà¥à¤¶à¤¨ न हो। आप शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें और उनकी सलाह का पालन करें। शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कोविड-19 के बारे में हमारा यह लेख पढ़ें।
खांसी मेरे शिशॠको किस तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करेगी?
अपने ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠको खांसते हà¥à¤ देखना काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है और खांसी आपको चिंतित à¤à¥€ कर सकती है, विशेषकर यदि ​यह शिशॠकी पहली खांसी हो तो। हालांकि, केवल खांसी से शिशॠके फेफड़ों को नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चता।
आपको शायद पाà¤à¤‚गी कि आपका शिशॠअनà¥à¤¯ दिनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोना चाहता है और उसे आपके पà¥à¤¯à¤¾à¤°-दà¥à¤²à¤¾à¤° की जरà¥à¤°à¤¤ होगी ताकि वह बेहतर महसूस कर सके।
कई बार शिशॠइतनी जोर से खांसते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उलà¥à¤Ÿà¥€ हो जाती है। हालांकि, यह आपके और आपके शिशॠके लिठकाफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है, मगर इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। बेहतर है इस बारे में आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
शिशॠको खांसी से राहत देने के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
अधिकांश खांसी घर पर थोड़ी देखà¤à¤¾à¤² से अपने आप ठीक हो जाती हैं। शिशॠकी खांसी खà¥à¤¦ ही ठीक हो जाà¤à¤—ी, मगर, शिशॠको आराम पहà¥à¤‚चाने के लिठआप नीचे दिठगठउपाय आजमा सकती हैं:
उसे खूब आराम करने दें। इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने या खांसी के दौरे हाने की वजह से शिशॠको काफी थकान हो सकती है। शिशॠको जितनी बार à¤à¥€ वह चाहे, आराम करने दें।
शिशॠको जलनियोजित रखें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ मिलें। उसे अतिरिकà¥à¤¤ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚। यदि वह फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो उसे अतिरिकà¥à¤¤ बार पानी à¤à¥€ पिलाà¤à¤‚। यदि शिशॠकी उमà¥à¤° छह महीने से कम है, तो पानी को अचà¥à¤›à¥€ तरह उबालकर और ठंडा होने के बाद ही शिशॠको दें। यदि उसके गले में दरà¥à¤¦ हो, तो इससे आराम मिलेगा।
उसका सिर ऊंचा उठा दें। यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤• साल से बड़ा है, तो आप सोते समय आप उसका सिर थोड़ा ऊंचा उठा सकती हैं, ताकि उसे खांसी में आराम मिले। सिर उठाने के लिठतकियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे सडन इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸) का खतरा होता है। à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤¸à¤¾ करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ का खतरा बढ़ सकता है।
कूल-मिसà¥à¤Ÿ हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें या ​बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¾à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ बाथरूम में ले जाà¤à¤‚। नम वातावरण में सांस लेने से वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— की सूजन कम होने में मदद मिल सकती है, हालांकि, यह बात वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• रूप से सिदà¥à¤§ नहीं है। बाथरूम में à¤à¤¾à¤ª बनाने के लिठगरà¥à¤® पानी का शावर चला लें और शिशॠको अंदर लेकर बैठजाà¤à¤‚। दरवाजे को बंद कर लें और तौलिये से दरवाजे के नीचे की जगह à¤à¥€ सील कर दें। करीब 15 मिनट तक अंदर रहें। आप अपने साथ कà¥à¤› किताबें या खिलौने ले जा सकती हैं, ताकि अंदर बैठकर आप उसको कहानी सà¥à¤¨à¤¾ सकें या खेल सकें। बाहर आने के बाद उसके नम कपड़े उतारकर, सूखे कपड़े पहना दें।
à¤à¤• साल से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ को शहद दें। शहद à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे शिशà¥à¤“ं में बोटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® नामक दà¥à¤°à¥à¤²à¤ पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ हो सकती है। मगर बड़े शिशà¥à¤“ं के लिठशहद गले की खराश से राहत असरदार हो सकता है। अगर, आपके बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° à¤à¤• और पांच साल के बीच है, तो उसे रोजाना आधी छोटी चमà¥à¤®à¤š शहद दें। यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ छह से 11 साल की उमà¥à¤° का है, तो उसे पूरी à¤à¤• छोटी चमà¥à¤®à¤š शहद दें।
बà¥à¤–ार का उपचार करें। शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह के बाद उसे पैरासिटामोल ससà¥à¤ªà¥‡à¤‚शन की उचित खà¥à¤°à¤¾à¤• दें। इससे बà¥à¤–ार तो कम होगा ही मगर बà¥à¤–ार के साथ होने वाले बदन दरà¥à¤¦ से à¤à¥€ राहत मिलेगी। हालांकि, यदि शिशॠतीन महीने या इससे बड़ा है, तà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ करें।​ शिशॠको कोई à¤à¥€ दवा देने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह अवशà¥à¤¯ लें।
शिशॠको बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परà¥à¤šà¥€ के मिलने वाली खांसी और सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की दवाà¤à¤‚ न दें, इनमें खांसी की सिरप और डिकंजेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट à¤à¥€ ​शामिल हैं। ये बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठउचित नहीं हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे साइड इफेकà¥à¤Ÿ होने का खतरा रहता है और इतने पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ à¤à¥€ नहीं है कि ये लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को बेहतर करते हैं।
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